कटरा बाजार (गोंडा)। कानून-व्यवस्था को लेकर कटरा बाजार थाना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मामला थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा, मौजा नकहा में स्थित गाटा संख्या 172 की जमीन से जुड़ा है,जिसका वाद करनैलगंज न्यायालय में विचाराधीन है, उस पर खुलेआम अवैध निर्माण कराकर न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
पीड़ित गंगाराम पुत्र त्रिभवन का आरोप है कि गांव के ही अर्जुन, राधेश्याम, मलखान, लक्ष्मण और रोहित जैसे दबंग 13 अक्टूबर को पुलिस द्वारा निर्माण रुकवाने के बावजूद, 16 अक्टूबर को सुबह 8 बजे फिर से लाव-लश्कर के साथ विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंच गए। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो दबंगों ने मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब मामला माननीय न्यायालय में लंबित है और पुलिस एक बार निर्माण रोक चुकी है, तो दोबारा उन्हीं दबंगों की हिम्मत कैसे हुई? ऐसे में गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि क्या कटरा बाजार पुलिस को न्यायालय के आदेश का सम्मान नहीं? बीते 13 तारीख को रोका गया फिर निर्माण 16 को कैसे शुरू हो गया? क्या पुलिस की मिलीभगत है? अगर पीड़ित के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
पीड़ित शुक्रवार को दिनभर थाने के चक्कर काटता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा। ग्रामीणों में चर्चा है कि अगर पुलिस ने समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
अब देखना है कि थाना कटरा बाजार पुलिस दबंगों पर कार्रवाई कर कानून का राज स्थापित करती है या फिर पीड़ित को यूं ही थाने के चक्कर काटने पर मजबूर करती है।
