उत्तर प्रदेश ऑटो-लोडर संयुक्त कल्याण समिति (रजि.) ने ऑटो-लोडर, पिकअप एवं डाला वाहन चालकों तथा वाहन मालिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन और परिवहन विभाग का ध्यान आकर्षित करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। समिति का आरोप है कि मंडल स्तर पर परिवहन विभाग द्वारा एंट्री सिस्टम के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है, जिससे वाहन चालक आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि हल्के भार वाहनों पर ₹35,000 से ₹50,000 तक के भारी-भरकम चालान किए जा रहे हैं, जबकि जिन वाहनों की कथित एंट्री होती है, उनके विरुद्ध ओवरलोड होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती। समिति ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए ऐसे चालानों की समीक्षा कर गलत एवं अनावश्यक चालानों को निरस्त करने की मांग की है।समिति ने यह भी आरोप लगाया कि वाहन चालकों को अनावश्यक रूप से रोककर उत्पीड़ित किया जाता है तथा कई मामलों में उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया जाता है। समिति ने पूछा है कि ऐसा किस मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधान के तहत किया जाता है और इस प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।ज्ञापन में वाहन चालकों की समस्याओं के समाधान के लिए समिति के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता आयोजित करने, एंट्री एवं ओवरलोडिंग के नाम पर अनावश्यक उत्पीड़न न करने का लिखित आश्वासन देने तथा हल्के भार वाहनों पर लागू नियमों की पुनः समीक्षा करने की भी मांग की गई है।समिति ने उम्मीद जताई है कि शासन जनहित एवं हजारों वाहन चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
