गोंडा, 03 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के जनपद गोंडा में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे न सोए, इसी उद्देश्य से मंगलवार को आपदा प्रबंधन अधिकारी एवं एसडीएम ने नगर पालिका परिषद स्थित रेन बसेरा (आश्रय गृह) का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सभी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने फैमिली रूम, महिला डॉर्मिट्री, पुरुष डॉर्मिट्री, अलग-अलग महिला-पुरुष शौचालय तथा दिव्यांगजनों के लिए बनाए गए विशेष शौचालय का गहन अवलोकन किया। साथ ही बिस्तर, कंबल, गर्म पानी, लाइट, पंखे और सुरक्षा व्यवस्था को भी परखा गया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए कि रेन बसेरा में कोई कमी न रहे और जरूरतमंद लोगों को तत्काल आश्रय उपलब्ध कराया जाए।आश्रय गृह प्रबंधक विवेक कुमार सिंह ने बताया कि यहाँ ठहरने वाले हर व्यक्ति को पूरी तरह निःशुल्क सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें गर्म बिस्तर, स्वच्छ पेयजल, जरूरी दवाइयाँ, गरम पानी से नहाने की व्यवस्था और 24 घंटे सुरक्षा शामिल है। अभी तक सैकड़ों निराश्रित, मजदूर और राहगीर इस आश्रय गृह का लाभ ले चुके हैं।जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि अगर रात में कोई व्यक्ति सड़क, फुटपाथ या खुले में ठंड से ठिठुरता दिखे तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 9919904497 पर सूचना दें। प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित रेन बसेरा तक पहुँचाएगी।प्रशासन का कहना है कि ठंड से होने वाली मौतों को शून्य करने के लिए जिला स्तर पर पूरी मुस्तैदी दिखाई जा रही है। गोंडा में कई जगहों पर अलाव की भी व्यवस्था की गई है।
