लेखपाल की रिपोर्ट पर भी उठे सवाल, पीड़िता का दावा—मौके पर मौजूद न होने के बावजूद लिख दिया गया समझौते का हवाला
रायबरेली/सरेनी। थाना सरेनी क्षेत्र के ग्राम उसरू में गांव के आम रास्ते को कथित रूप से बंद किए जाने और पुरानी नाली पर निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में ग्राम निवासी आरती तिवारी पत्नी पवन दीक्षित ने जिलाधिकारी रायबरेली समेत जिले के संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर रास्ता खुलवाने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में अवधेश कुमार बाजपेई, राहुल बाजपेई, दीपू बाजपेई तथा दुर्गेश बाजपेई पर आरोप लगाया है कि गांव के आम रास्ते को कथित तौर पर बंद कर दिया गया है। साथ ही पुरानी नाली को भी बंद कर उसके ऊपर मकान का निर्माण किए जाने की बात कही गई है। पीड़िता का आरोप है कि रास्ता खोलने की बात कहने पर विपक्षी पक्ष विवाद और मारपीट पर आमादा हो जाता है।
‘कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई’
आरती तिवारी का कहना है कि रास्ते को लेकर वह पहले भी कई बार अधिकारियों के समक्ष शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। पीड़िता के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद मौके की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लेखपाल की रिपोर्ट को लेकर पीड़िता ने जताई आपत्ति
मामले में पीड़िता ने लेखपाल की रिपोर्ट पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट में समझौता हो जाने की बात कही जा रही है, जबकि उनके अनुसार मौके पर लेखपाल के पहुंचने के समय वह स्वयं मौजूद नहीं थीं। पीड़िता का आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में ही रिपोर्ट तैयार कर दी गई और वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च अधिकारी से मौके पर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि आम रास्ता राजस्व अभिलेखों अथवा मौके की जांच में सार्वजनिक मार्ग पाया जाता है तो उसे तत्काल अतिक्रमणमुक्त कर ग्रामीणों के आवागमन के लिए खोला जाए।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और मौके की जांच में आम रास्ते तथा नाली की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
