गोण्डा। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत गोण्डा पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते जानलेवा हमले के मामले में चार आरोपियों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और 47-47 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। सत्र न्यायालय के इस फैसले को पुलिस की प्रभावी पैरवी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मामला थाना कटराबाजार क्षेत्र के चौबेपुरवा मौजा बाबूपुर का है। 9 मार्च 2023 को रामजी चौबे ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि जमीन संबंधी विवाद को लेकर विपक्षी लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और उनके बड़े भाई, भतीजे तथा पुत्र के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से मारपीट की। हमले में उनके भाई के सिर में गंभीर चोट आई और वह मौके पर ही बेहोश हो गए थे।
मामले में थाना कटराबाजार पुलिस ने त्रिपुरारी चौबे, श्याम जी चौबे, नरसिंह चौबे और पवन कुमार चौबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पूरी करने के बाद 31 मई 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया।
18 अगस्त 2026 को सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह ने चारों अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 47-47 हजार रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से वंसत कुमार शुक्ला तथा पुलिस की ओर से हेड कांस्टेबल सुनील शुक्ला और कोर्ट मोहर्रिर महिला कांस्टेबल संध्या चौरसिया ने प्रभावी पैरवी की।
