रेलवे अंडर पास का था
मनकापुर गोंडा.भारत सरकार रेलवे क्रांसिग पर लग रहे जाम के दृष्टिगत अंडर पास के विकल्प को चुनना सही समझा है। परन्तु जहां. जहां रेलवे के द्वारा . अंडर पास बनाए गये हैं ।उसे देखकर आश्चर्य चकित होना पड़ता है ।बरसात में तो इसे कहीं.कही पार भी नहीं किया जा सकता जिसे विभाग पूरी तरह जानता है। जी हां इसी अंडर पास के बिषय बिंदु पर आपको बताते चलें कि गौरा विधान सभा मसकनवां बाजार चौराहे पर एक रेलवे क्रासिंग पायी जाती है। जिस क्रांसिग पर हर छण जाम के चक्कर में लोंगों को परेशान होने की मजबूरी बनी थी । यह विधान भारत सरकार केन्द्रीय कैबिनेट विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह की पायी जाती है। जिन्होंने जाम के निजात हेतु प्रयास किया। जिसका निर्माण। रेलवे ने अंडर पास के रूप में कार्य शुरू किया।मजे की बात जब हुयी । कि इस निर्माण को देखकर लोग आश्चर्य चकित हो गये। कि ऐसे अंडर पास का क्या फायदा जब बड़ी गाड़ियां इस रास्ते से निकल ही नहीं सकती।लोगों में उहापोह की स्थित बन गयी। जिस निर्माण को लेकर शीतल गंज . मसकनवां निवासी अंकित उपाध्याय ने रेलवे से जानकारी हासिल की । वे रेलवे के जबाब से असमंजस की स्थित में पहुचते हुए। लखनऊ न्यायालय में
एक जनहित याचिका दायर कर मसकनवां बाजार में अंडर पास प्लानिंग को निरस्त करने की अपील की। जिसके परिणाम स्वरूप रेलवे ने अब ओवर व्रिज निर्माण हेतु एक नक्शे को जारी करते हुए अंकित उपाध्याय को पत्र जारी कर अवगत कराया है। कि मसकनवां रेलवे क्रासिंग गेट पर अंडर पास नहीं । वल्कि ओवर व्रिज का ही निर्माण होगा। जिसकी चर्चा समूचे छेत्र मे हो रही है। मजे की बात तो यह है। कि अंकित उपाध्याय गौरा विधान सभा भाजपा के एक सच्चे सिपाही के रूप में पाये जाते हैं। जिन्होंने विभाग से लेकर समाजिक समस्याओं के हित में न्यायालय के चौखट पर पहुंच कर। ओवर व्रिज की सौगात दिलाने में समूचे छेत्र को सफलाता दिलायी .जिसकी चर्चा समूचे विधान सभा मे हो रही है।शेष अगले अंक मे
