गोंडा, 6 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के कटरा बाजार क्षेत्र में समाजवादी पार्टी से जुड़े पूर्व प्रधान अर्जुन बाबा के खिलाफ की गई जिला बदर कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है। कटरा बाजार पुलिस ने अर्जुन बाबा को जिला बदर घोषित करते हुए उनके बीरपुर स्थित आवास से हिरासत में ले लिया और पड़ोसी जिला बहराइच की सीमा पर छोड़ दिया। इस घटना को लेकर गोस्वामी समाज के लोगों में व्यापक असंतोष व्याप्त है, जो इसे राजनीतिक प्रतिशोध का रूप मान रहे हैं।आज कटरा बाजार क्षेत्र के गोस्वामी समाज के सदस्यों ने पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि अर्जुन बाबा के साथ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने संबोधित करते हुए कहा, "यह कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है। अर्जुन बाबा जैसे समाजसेवी को बिना ठोस आधार के जिला बदर करना असहनीय है। हम जांच की मांग करते हैं और यदि दोषी पाए गए तो इसका राजनीतिक खंडन करेंगे।"ज्ञापन सौंपने के अवसर पर पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे के अलावा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मसूद आलम खान, पंकज गोस्वामी, राम अवध गोस्वामी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। मसूद आलम खान, जो कटरा बाजार में सपा के प्रमुख चेहरे हैं, ने कहा, "अर्जुन बाबा ने वर्षों से क्षेत्र के विकास और सामाजिक सद्भाव के लिए कार्य किया है।" पंकज गोस्वामी ने बताया कि गोस्वामी समाज इस मुद्दे पर एकजुट होकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अर्जुन बाबा पर जिला बदर का फैसला पुरानी राजनीतिक दुश्मनी से प्रेरित लगता है। गोंडा जिले में सपा और सत्ताधारी दल के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, खासकर कटरा बाजार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में। इस घटना ने क्षेत्रीय राजनीति को और गर्मा दिया है। जिलाधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन गोस्वामी समाज ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
