सरकारी जमीन पर लगे आम को पहले काटा शिकायत होने पर मांगी काटने की परमीशन।
सरकारी जमीन पर लगे आम को पहले काटा शिकायत होने पर मांगी काटने की परमीशन।
कर्नलगंज: तहसील कर्नलगंज स्थित ग्रामसभा गोनवा के मजरा सूबेदार पुरवा में कुछ व्यक्तियों द्वारा काली सड़क से सटे आम के पेड़ को काट कर गिरा दिया गया जिसकी शिकायत हल्का लेखपाल व उपजिलाधिकारी कर्नलगंज से की गई,उपजिलाधिकारी कर्नलगंज ने तत्काल संज्ञान लेते हुए हल्का लेखपाल को मौके पर भेज कर कटान बन्द करवाते हुए गांव के ही एक व्यक्ति के सुपुर्द में लकड़ी दे दिया,और अपनी लिखित रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को दे दी है।
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| रोड पर लगे आम की फाइल फोटो। |
जिम्मेदार कैसे कर रहे मामले में जांच।
जहां एक तरफ पर्यावरण व अबैध कब्जा को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तमाम तरह की योजनाएं चलाई जा रही है तथा इसी क्रम में कर्नलगंज तहसील में भी अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए कई लाख रुपए खर्च हुए है लेकिन तब भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहे है।शिकायत के एक दिन बाद जब लेखपाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमने वहां पर लकड़ी कटान रोकवाकर उसको गांव के ही एक व्यक्ति के सुपुर्दगी में करके अपनी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को दे दी है अब उन्हें जो समझ आएगा वे करेंगे।वही जब वन विभाग के एक अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जमीन सरकारी है उसमे लेखपाल के ही तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जायेगा।इसमें साफ साफ ये दिखाई दे रहा है कि प्रशासन अवैध कामों को बढ़ावा देते हुए पेड़ काटने वाले व्यक्ति के बचाव में लगी हुई है।
अब अपने बचाव में क्या कर रहे है अवैध कटान करने वाले।
जब पेड़ काटने की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई और उनके द्वारा मौके पर हल्का लेखपाल को भेजकर जांच करवाकर कटान को रोक दिया गया तब अब अपने बचाव के लिए लकड़ी काटने वाले उस आम के पेड़ को काटने के लिए अनुमति मांगते हुए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया है और उपजिलाधिकारी ने भी जांच करके वन विभाग से रिपोर्ट मांगी है जिसकी छाया प्रति खबर के साथ लगा दी गई है।


