गोंडा/आए दिन कोई न कोई कूट रचित दस्तावेज के सहारे नौकरी हथियाने का मामला प्रकाश में आ रहा है अभी विगत दिनों शिक्षा विभाग में कई ऐसे मामले आए जहां पर कूट रचित दस्तावेजों के सहारे शिक्षक नौकरी करते चले आ रहे हैं जिनका खुलासा हुआ कईयों पर कार्यवाही हुई अभी नया मामला जनपद गोंडा के तहसील कर्नलगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत नकहारा का प्रकाश में आया है ग्रामीण निवासी सुंदर लाल ने उप जिला अधिकारी कर्नलगंज शिकायती पत्र देते हुए बताया की पूर्व में नकहारा निवासी महेश कुमार गुप्ता जोकि पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत गौरा सिंगनापुर के निवासी हो करके पंचायती चुनाव लड़े थे परंतु पंचायती चुनाव हारने के बाद वापस नकहारा आकर सहायक पंचायत मित्र का आवेदन अपनी पत्नी मंजू देवी से करवा दिया जबकि लोगों द्वारा बताया गया की पूर्व में नकहारा निवासी थे पंचायत चुनाव लड़ने के लिए गौरा का निवासी हुए थे हारने के बाद फिर वापस नकहारा जाकर नौकरी के लिए आवेदन कर दिए पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में दोनों पति पत्नी गौरा सिंहपुर मैं अंकित है जबकि सवाल यह उठता है की माह मई में मतगणना के बाद अभी 6 माह की अवधि पूरी भी नहीं हुई की क्षेत्रीय लेखपाल तथा आ वेदिका मंजू देवी की जेठानी (महेश कुमार गुप्ता की भाभी) वर्तमान प्रधान नकहारा है के द्वारा निवास प्रमाण पत्र जारी करते हुए ऑनलाइन निवास आवेदन पर रिपोर्ट लगा दिया जिस पर उप जिलाधिकारी करनैलगंज के संज्ञान में आने पर जांच कमेटी लेखपाल सुजीत भारती द्वारा रिपोर्ट लगाई गई कि क्षेत्रीय लेखपाल तेज बहादुर द्वारा भूलवश रिपोर्ट लगाई गई थी अभी आवेदिका को कुल लगभग 4 माह ही नकहारा में निवास करते हुआ है अब सवाल यह उठता है कि अधिकारियों को गुमराह करते हुए निवास का दस्तावेज मंजू देवी पत्नी महेश कुमार गुप्ता ने दाखिल कर दिया या जब इस संबंध में जब क्षेत्रीय लेखपाल तेज बहादुर से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट में जांचकर्ता लेखपाल द्वारा लिखा गया है कि भूलवश निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है जो कि सत्य है तथा हमें गुमराह करके रिपोर्ट लगवा दी गई थी जब उप जिला अधिकारी कर्नलगंज से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की निवास करने के छः माह के पहले प्रमाण पत्र जारी करना असंवैधानिक है कोर्ट के आदेश का इंतजार है आदेश आते ही कार्यवाही की जाएगी जब जिले के मुखिया जिलाधिकारी गोंडा से जरिए दूरभाष संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो सका अब देखना यह है की जनपद गोंडा के तेजतर्रार कहे जाने वाले जिलाधिकारी द्वारा इस मामले को भी संज्ञान में लेते हुए आ वेदिका के विरुद्ध कार्रवाई होती है या कि नहीं
