महेश गोस्वामी की रिपोर्ट
कैसरगंज/ बहराइच। जनपद कैसरगंज विकासखंड के अन्तर्गत ग्राम पंचायत बिसैंधा में ग्राम प्रधान के चुनाव में हुए निर्विरोध निर्वाचन को लेकर भ्रष्टाचार और धांधली का आरोप लगाया गया है।पीडि़त पक्ष ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार व जिलाधिकारी बहराइच को प्रार्थना भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।एक पक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद भी उसका नामांकन रद्द करके दूसरे पक्ष को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है जो कि अवैधानिक है।प्रार्थना पत्र में यह आरोप लगाया है कि पंचायत निर्वाचन नामावली अंतिम मतदाता सूची 2021 में विकासखंड कैसरगंज जनपद बहराइच की सूची में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बहराइच के द्वारा मतदाता क्र0.स0.1से 1491 तक सूची जारी की गयीं। जिसमें प्रार्थिनी का नाम ग्राम पंचायत बिसैंधा वार्ड सं0 - 10 मतदान केन्द्र सं0 67 मतदान स्थल 194के क्रम संख्या1489पर प्रार्थिनी का नाम दर्ज है। और मतदान संख्या 125/126 भी अंकित है। और प्रार्थिनी के ग्राम सभा विसैंधा में महिला अनुसूचित जाति हरिजन महिला सीट प्रधान पद हेतु आरक्षित थी। उसी के क्रम प्रार्थिनी ने दिनांक 18 अप्रैल को प्रधान पद हेतु पर्चा दाखिल किया था। जिसमें पर्चा दाखिल करने के दौरान सम्बंधित अधिकारी के द्वारा पर्चे की विधिवत जांच की गयीं और सही पाया। प्रत्याशी सीतापति पत्नी सतगुरु व रामावती पत्नी अनिल कुमार ने चालान के माध्यम से 1000 हजार रुपए फीस भी जमा कर दिया था। परन्तु विकास खंड कैसरगंज के अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा प्रार्थिनी के प्रतिवादी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से मिलीभगत करके जारी निर्वाचन सूची2021 में छेड़छाड़ कर पंचायत निर्वाचन नामावली में अंकित नामों को साजिश के तहत फर्जी तरीक़े से लाभ दिलाने के उद्देश्य से प्रार्थिनी का नाम विलोपित की सूची में डलवा दिया। जिससे प्रार्थिनी प्रधान पद का चुनाव न लड़ सके। जिसके सम्बन्ध में राजस्व निरिक्षक कैसरगंज के द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2021को अपनी आख्या अंकित किया की कि इनका नाम उक्त मतदाता सूची की क्रमांक संख्या 1489पर प्रथम अनुपूरक सूची ग्राम पंचायत बिसैंधा में विलोपित अंकित है जो विलोपन मेरे संज्ञान में नहीं है। और न ही मेरे द्वारा विलोपन हेतु कोई सूची प्रस्तुत नहीं की गयी है।नाम अंकित करते हुए मतदाता सूची में सम्मिलित किये जाने हेतु रिपोर्ट दी गयी है। जिसको नायब तहसीलदार कैसरगंज व तहसीलदार कैसरगंज तथा परगनाधिकारी कैसरगंज बहराइच द्वारा अग्रसारित की गयीं। समस्त तथ्यों के बावजूद विकासखंड कैसरगंज के सभी कर्मचारी व अधिकारी आपस में मिलीभगत करके प्रार्थिनी के प्रतिवादी को लाभ पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे है।सीतापति पत्नी सतगुरु व रामावती पत्नी अनिल कुमार ने बताया कि हमारे विपक्षी दबंग किस्म के लोग है और इनकी ऊंची पहुंच भी है और अपनी ऊँची पहुंच का फायदा उठाते हुए हम लोगों का नाम रातों रात मतदाता नामावली से हटवा कर पर्चा खारिज करवा दिया। वे अपने नौकर की पत्नी बिटाना पत्नी लालता को निर्विरोध निर्वाचित कर प्रधान घोषित कर रहे है। उक्त दबंग व्यक्तियों द्वारा अपने दबंगई के बल पर मतदाताओं के मत जबरदस्ती छपवा लेते हैं। वहीं कुछ ग्रामीणों ने बताया कि ये लोग हम लोगों से भी जबरदस्ती वोट डलवाते हैं और अगर कोई मना करता है तो हम लोगों के रस्सी से हाथ पैर बांधकर कूएँ में लटका देते हैं। जान से मारने की भी धमकी देते हैं। वहीं पीडि़त प्रधान पद उम्मीदवार ने बताया कि हम लोगो ने जब पर्चा भरा था तब से हमारे घर वालों को और हमको घर पर व घर के बाहर धमकाते हैं और अवैध असलहा कनपटी पर रखकर जान से मारने की धमकी देते हैं। उक्त दबंग व्यक्ति समाजवादी पार्टी के नेता है। और इनकी ऊंची पहुंच भी है। जिससे हम लोगों को डर भी लगा रहता है।