पीड़ित का आरोप है कि अगर निष्पक्ष जांच संबंधी अधिकारी द्वारा नहीं कराई गई तो उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाने पर होने पर मजबूर तथा माननीय मुख्यमंत्री महोदय के जनता दर्शन में भी करेंगे शिकायत
महेश गोस्वामी /संदीप शुक्ला की रिपोर्ट
करनैलगंज गोण्डा । विकास खण्ड करनैलगंज के ग्राम पंचायत नकार में आंगनवाड़ी केंद्र पर कई वर्ष पहले नियुक्ति में जमकर धांधली करने का मामला सामने आया है । आपको बताते चलें जहाँ सरकार एक ओर कुपोषित बच्चों व महिलाओं का विशेष ध्यान रखते हुए समस्त आंगनवाड़ी केंद्रों पर राशन घी दूध फल आदि का वितरण कर कुपोषण से मुक्त करना चाहती है । वहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते सरकार की मंशा पर पर पानी फेर दिया जा रहा है । प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नकार में आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम पर सास व बहु सहायिका व कार्यकत्री के पद पर नियुक्त है । इससे ये साबित होता है कि सरकारी नियमों को ताख पर रखकर सास बहू को एक ही केंद्र पर नियुक्त कर दिया गया । जब कि विभागीय गाइड लाइन के अनुसार ऐसा नही होना चाहिए । इस बात की पुष्टि क्षेत्रीय सुपर वाइजर ने भी की है । यहाँ तक कि केंद्र पर नियुक्त सहायिका सास सावित्री देवी ने अलग अलग कागजों में अलग अलग नाम लिखवा रखा है । प्राप्त जानकारी के अनुसार सावित्री देवी के नाम से विभाग में सहायिका के पद पर तैनात हैं व परिवार रजिस्टर नकल में अपना नाम रामकली लिखवा दिया है ताकि सरकार को धोखा देने में कोई दिक्कत न हो । आपको बताते चलें विगत छः माह पहले गाँव के ही राहुल तिवारी व अन्य लोगों ने डी पी ओ गोण्डा से केंद्र प्रथम पर सास , बहू के एक ही केंद्र पर नियुक्त की लिखित शिकायत की थी । लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इन पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है ।क्या कहते है उच्च अधिकारी ।सास व बहु के एक ही केंद्र पर नियुक्त की शिकायत को लेकर बिभिन्न अखबारों की सुर्खियों में आये दिन आंगनवाडी केंद्र प्रथम बना रहता है । फिर भी विभाग कोई कार्यवाही न करते हुए अनजान बना हुआ है । इस सम्बंध में ग्रामीणों ने कई बार डी पी ओ गोण्डा , सी डी पी ओ करनैलगंज , व क्षेत्रीय सुपर वाइजर से भी शिकायत कर चुके हैं । इस बाबत डी पी ओ गोण्डा से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि सी डी पी ओ करनैलगंज को सम्बंधित शिकायत को लेकर करीब छः माह पहले निर्देशित किया गया था जिसके बाद लगातार कई बार सी डी पी ओ करनैलगंज के द्वारा यह कहते हुए बात को टाल दिया जाता है कि सम्बंधित ग्राम विकास अधिकारी सत्यापन हेतु परिवार रजिस्टर नकल की कॉपी उपलब्ध नही करवा रहे हैं । न ही कार्यकत्री व सहायिका द्वारा सत्यापन करवाया जा रहा है । जिससे दण्डात्मक कार्यवाही करने में असुविधा हो रही है । अब देखना ये है कि इन भरष्टाचारियों पर योगी सरकार लगाम लगाने पर कामयाब होती है या नही ।
