महेश गोस्वामी की रिपोर्ट
( बालविकास विभाग का गजब कारनामा बना चर्चा का विषय)कर्नलगंज/गोण्डा । तहसील क्षेत्र अन्तर्गत विकास खण्ड कर्नलगंज के ग्राम पंचायत नकार में आंगनबाड़ी केंद्र पर कई वर्ष पहले की गई नियुक्ति में जमकर धांधली करने का मामला सामने आया है। एक तरफ जहां सरकार द्वारा कुपोषित बच्चों व महिलाओं के उचित पोषण, देखरेख हेतु समस्त आंगनबड़ी केंद्रों पर राशन,दूध,घी और फल आदि के वितरण की व्यवस्था कर कुपोषण से मुक्त कराने के मद में काफी मात्रा में शासकीय धनराशि का बजट आवंटन कर व्यय कर रही है,वहीं विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत और सरकारी धन के आपसी बंदरबांट के चलते सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। जिसकी हकीकत ग्राम नकार स्थित आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित अन्य केंद्रों की सघन जांच औचक निरीक्षण से साफ देखी जा सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बालविकास परियोजना क्षेत्र कर्नलगंज के अधीन ग्राम आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम ग्रामपंचायत नकार में सास व बहू सहायिका व कार्यकत्री के पद पर एक ही केंद्र पर नियुक्त हैं । इससे ये साबित होता है कि सरकारी नियमों को ताख पर रखकर सास बहू को एक ही केंद्र पर नियुक्त कर दिया गया। जबकि विभागीय नियम निर्देशों के मुताबिक उक्त नियुक्ति विधि विरुद्ध है। जिसकी पुष्टि क्षेत्रीय सुपरवाइजर ने भी की है। यहाँ तक कि इस केंद्र पर नियुक्त सहायिका सास सावित्री देवी ने अलग अलग कागजों में अलग अलग नाम लिखवा रखा है। मिली जानकारी के अनुसार सावित्री देवी के नाम से विभाग में सहायिका के पद पर तैनात हैं व परिवार रजिस्टर नकल में अपना नाम रामकली लिखवा दिया है ताकि अधिकारियों और सरकार गुमराह कर धोखा देने में कोई समस्या ना हो। मालूम हो कि उक्त संबंध में विगत दिनों गांव के ही राहुल तिवारी व अन्य लोगों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी गोण्डा से आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम पर सास व बहू के एक ही केंद्र पर नियुक्त होने की लिखित शिकायत की थी। परन्तु विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण के चलते इन पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है।जबकि सास व बहू के एक ही केंद्र पर नियुक्ति संबंधी शिकायत को लेकर बिभिन्न अखबारों की सुर्खियों में आये दिन आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम बना रहता है फिर भी विभाग कोई कार्यवाही न करते हुए अंजान बना हुआ है। इस संबंध में ग्रामीण कई बार डीपीओ गोण्डा, सीडीपीओ कर्नलगंज व क्षेत्रीय सुपरवाइजर से भी शिकायत कर चुके हैं।अब देखना यह है कि इन भ्रष्टाचारियों पर योगी सरकार लगाम लगाने में कामयाब होती है या नहीं अथवा भ्रष्ट व्यवस्था ऐसे ही फलती फूलती रहेगी??
