गोण्डा। तहसील करनैलगंज के उपजिलाधिकारी को बुधवार को दिए गए एक प्रार्थना पत्र में भारतीय मजदूर संघ के मंत्री प्रदीप राय पर बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध धन वसूली कर करोड़ों रुपये की कथित संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने तथा आय से अधिक संपत्ति की जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।प्रार्थना पत्र के अनुसार, प्रदीप राय पर आरोप है कि उन्होंने मैजापुर चीनी मिल में स्थायी नौकरी दिलाने का झांसा देकर अनेक बेरोजगारों से लाखों रुपये वसूले। शिकायत में दावा किया गया है कि कथित रूप से इस तरह एकत्र की गई धनराशि से उन्होंने अपने तथा करीबी रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियां खरीदी हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि थाना कटरा बाजार में वर्ष 2018 का एक मुकदमा दर्ज है, जिसमें नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, गाली-गलौज और धमकी देने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज होने का हवाला दिया गया है। इसके अलावा राजेश कुमार मिश्रा, बालकराम तथा संदीप सिंह सहित कई लोगों से अलग-अलग रकम लेकर नौकरी दिलाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ऐसे मामलों की संख्या सैकड़ों में हो सकती है और सभी पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए व्यापक जांच जरूरी है।प्रार्थना पत्र में प्रशासन से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की एसआईटी से जांच कराई जाए, कथित आय से अधिक संपत्ति की पड़ताल की जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।हालांकि, यह सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं। प्रशासन द्वारा जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
