उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक अकेली महिला की जिंदगी नर्क बन गई है। ग्राम बरखेरवा महेवा की शिव कॉलोनी में रहने वाली श्रीमती प्रतिमा मिश्रा ने अपने पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने पुलिस को सौंपी गई शिकायत में बताया कि पड़ोसी श्रीमती राज कटोरी और उनके बेटे सन्दीप कुमार ने उनके घर के दरवाजे तोड़ दिए, जान से मारने की धमकियां दीं और यहां तक कि लज्जा भंग करने की कोशिश की। यह मामला अब शहर की सुर्खियां बन चुका है, जहां एक महिला की सुरक्षा का सवाल उठ खड़ा हुआ है। क्या कानून इस अत्याचार पर चुप रहेगा, प्रतिमा मिश्रा, जो अपने पति संजय मिश्रा की गैरमौजूदगी में अकेले बच्चों के साथ रहती हैं, ने बताया कि उनके घर के दोनों तरफ सरकारी सड़क है। इस सड़क पर आने-जाने के लिए उनके घर में दरवाजे बने हैं, जो बैनामे में भी दर्ज हैं। लेकिन पड़ोसी राज कटोरी और सन्दीप कुमार ने गुंडागर्दी दिखाते हुए उन्हें रास्ता इस्तेमाल करने से रोक दिया। "वे जबरन रोकते हैं, धमकाते हैं कि अगर रास्ते से गुजरी तो बाहरी गुंडों को बुलाकर हत्या करा देंगे," प्रतिमा ने रोते हुए कहा। उनके पति बलरामपुर चीनी मिल्स में नौकरी करते हैं और घर कम ही आ पाते हैं, जिसका फायदा उठाकर पड़ोसी उन्हें तंग कर रहे हैं।मामला यहीं नहीं रुकता। प्रतिमा का आरोप है कि सन्दीप कुमार उनका पीछा करता है, जिससे उन्हें अपनी इज्जत का डर सता रहा है। "वह लगातार मेरा पीछा करता है, विरोध करने पर कहता है कि हरिजन एक्ट में फंसा कर जेल भिजवा दूंगा। मेरे पास वीडियो रिकॉर्डिंग भी है," उन्होंने शिकायत में लिखा। यह धमकी न केवल कानून का मजाक उड़ाती है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। विपक्षी कथित तौर पर झूठे मुकदमों की धमकी दे रहे हैं, जिससे प्रतिमा और उनके परिवार को जान का खतरा हो गया है। "मैं अकेली हूं, मेरे बच्चे छोटे हैं। कब वे हम पर हमला कर दें, पता नहीं," प्रतिमा की आवाज में डर साफ झलकता है।यह घटना लखीमपुर खीरी के कोतवाली सदर थाने के अंतर्गत आती है, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सरकारी सड़क पर विवाद पुराना है, लेकिन अब यह हिंसा की शक्ल ले चुका है। नगरपालिका द्वारा बनाई गई सड़क पर आने-जाने का अधिकार सबको है, लेकिन गुंडागर्दी ने कानून को चुनौती दे दी है। प्रतिमा ने (महिला पुलिस अधिकारी, उच्चाधिकारी) से गुहार लगाई है कि विपक्षियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। "मेरा परिवार सुरक्षित रहे, जान-माल की रक्षा हो," उन्होंने अपील की।पुलिस सूत्रों का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू हो गई है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह जांच समय पर पूरी होगी, महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर कितने मामले धूल फांकते रहते हैं। यह घटना न केवल एक महिला की पीड़ा है, बल्कि समाज में बढ़ती गुंडागर्दी का आईना है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह बड़ा हादसा बन सकता है। जनहित में पुलिस को तुरंत कदम उठाना चाहिए। प्रतिमा जैसी महिलाएं अकेली नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज दबनी नहीं चाहिए। क्या न्याय मिलेगा !
