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पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में आरटीसी गोण्डा के प्रशिक्षुओं को कराया गया जिला कारागार का शैक्षणिक भ्रमण-*



*पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में आरटीसी गोण्डा के प्रशिक्षुओं को कराया गया जिला कारागार का शैक्षणिक भ्रमण-*

पुलिस अधीक्षक जनपद गोण्डा श्री विनीत जायसवाल के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आर0टी0सी0 गोण्डा के प्रशिक्षु आरक्षियों को व्यावहारिक ज्ञान एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्रदान करने हेतु आज जिला कारागार गोण्डा का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया।
 इस भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को न केवल कारागार की कार्यप्रणाली से अवगत कराना था, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की समझ भी देना था। भ्रमण का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दावाच्या एवं क्षेत्राधिकारी लाइन सुश्री शिल्पा वर्मा द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रशिक्षुओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी स्मारक जहां उन्हें लाहिड़ी जी के बलिदान, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान एवं गोण्डा जेल से उनके ऐतिहासिक संबंधों की जानकारी दी गई साथ ही कारागार की विभिन्न इकाइयाँ-बैरक, पीसीओ, मेस (भोजनालय), चिकित्सालय, पुस्तकालय, जिम (व्यायामशाला), पाठशाला आदि का भ्रमण कराया गया। इन स्थानों पर उन्हें बंदियों की दैनिक जीवनशैली, उनके पुनर्वास से संबंधित गतिविधियाँ तथा प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली से अवगत कराया गया। सुरक्षा प्रबंधन के विषय में जेल की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, गश्त व्यवस्था एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के उपायों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। पुनर्वास और सुधारात्मक कार्यक्रम के तहत जेल में बंदियों को दी जा रही शिक्षात्मक, सांस्कृतिक एवं मानसिक रूप से सुधारात्मक गतिविधियों के विषय में भी जानकारी दी गई, जिससे प्रशिक्षु यह समझ सकें कि एक पुलिस अधिकारी की भूमिका केवल बंदी बनाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज में उनके पुनर्वास हेतु प्रयास भी जरूरी हैं। इस शैक्षिक भ्रमण से प्रशिक्षु आरक्षियों को न केवल व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, बल्कि उन्हें पुलिस सेवा के मानवीय पहलू को समझने में भी सहायता मिली। यह अनुभव भविष्य में उनकी ड्यूटी के दौरान निर्णय लेने, व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाने एवं कारागार प्रशासन से समन्वय स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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