कर्नलगंज,गोंडा। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 का उपयोग करते हुए कर्नलगंज के एक जागरूक नागरिक ने उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के विद्युत वितरण खंड, कर्नलगंज से महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है। यह मामला उपकेंद्र कर्नलगंज में कार्यरत तकनीशियन विद्युत, चंद्रभान मौर्य से जुड़ा है,जिसके तहत विभागीय स्थानांतरण नीति और कर्मचारी की सेवा अवधि पर सवाल उठाए गए हैं। इस कदम ने स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को बल दिया है। नागरिक ने लोक सूचना अधिकारी को आवेदन देकर पांच बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। पहला,चंद्रभान मौर्य की उपकेंद्र कर्नलगंज में पदस्थापना की तारीख। दूसरा, पिछले 10 वर्षों में उनके तबादलों की संख्या, वर्ष, स्थान और आदेश संख्या। तीसरा, विभाग की स्थानांतरण नीति, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कोई कर्मचारी एक स्थान पर अधिकतम कितने समय तक रह सकता है। चौथा, यदि मौर्य 10 वर्षों से एक ही स्थान पर हैं, तो इसके लिए विशेष अनुमति किस अधिकारी ने दी। पांचवां, इस अवधि में उनके खिलाफ कोई सार्वजनिक या विभागीय शिकायत दर्ज हुई है या नहीं, और यदि हां, तो उनकी स्थिति क्या है। आवेदन के साथ 10 रुपये का निर्धारित शुल्क पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से जमा किया गया है,और 30 दिनों के भीतर जवाब की मांग की गई है। यह मामला कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि एक कर्मचारी के इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने के बावजूद प्रशासनिक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस आरटीआई से न केवल विभागीय कार्यप्रणाली की पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि स्थानांतरण नीति के सख्ती से पालन को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। यदि समयबद्ध और सटीक जानकारी मिलती है, तो यह भविष्य में ऐसी नीतियों के उल्लंघन को रोकने में मददगार साबित हो सकता है। यह कदम न केवल विभागीय जवाबदेही को प्रोत्साहित करेगा,बल्कि अन्य नागरिकों को भी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के लिए प्रेरित करेगा।
