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जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में साइबर थाना की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 10,17,600/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।


जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय के मार्गदर्शन में साइबर थाना की टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 10,17,600/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आवेदक श्री रामानन्द मल्ल पुत्र स्व श्री राजेन्द्र मल्ल उप निदेशक रेशम विभाग, गोण्डा नि0 एम-21, ऑफिसर्स कॉलोनी, तहसील के पीछे, थाना को0 नगर गोण्डा के मोबाइल नं0 पर दिनांक 15.01.2025 को सायं लगभग 06 बजे व्हाट्सअप पर विडियो कॉल आयी, जिसमें वादी मुकदमा के आधार नम्बर से सिम लेकर खाता खोलने व खाते से 68 करोड़ का मनी लॉण्डरिंग, चोरी के पैसे के लेनदेन की बात की गयी और वादी को आई0बी0 और सीबीआई का फर्जी लेटर भेजकर डिजीटल अरेस्ट कर ठगी कर ली गयी, जिसके सम्बन्ध में आवेदक ने प्रार्थना पत्र श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय जनपद गोण्डा को दिया गया। महोदय के आदेश के अनुक्रम में साइबर क्राइम थाना जनपद गोण्डा पर मु0अ0सं0 03/2025 धारा 319(2), 318(4) बीएनएस व 66 डी आई0टी0 एक्ट पंजीकृत किया गया। जिसपर थाना साइबर क्राइम की टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 10,17,600/- रू0 की धनराशि फ्रीज कराकर वापस करायी गयी। पीड़ित द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए साइबर क्राइम की टीम को धन्यवाद दिया गया।

*नोट-* *डिजिटल अरेस्टः-* यह एक साइबर ठगी का प्रकार इै जिसमें साइबर ठग आपके पास कॉल/वीडियों कॉल कर खुद को किसी जांच एजेंसी या पुलिस अधिकारी बताकर कानूनी टर्म का इस्तेमाल करते है तथा आपको किसी अपराध में शामिल होने की बात कहते है साथ ही पीड़ित से किसी भी शांत स्थान पर जाने की बात करते है। जिससे परिवार या फिर किसी जानकार से संपर्क नही हो सके। साइबर ठग पीड़ित पर मानसिक रूप से दबाव बनाकर पीड़ित को अपनी बातों में ले लेते है और मामला सेटल करने के लिए पैसे देने की बात कहते है। कुछ मामलों में ठगों को पुलिस की वर्दी पहने भी देखा गया है। याद रखे कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर कानूनी कार्यवाही नही करता है। यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की कोई भी साइबर ठगी हो गयी है तो घबराना नही है। आपको पुलिस की साइबर सेल या 1930 पर कॉल कर पूरी जानकारी देनी है।

*साइबर सुरक्षा टिप्स-*
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। 
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें


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