गोंडा/पीड़ित बड़ी आस लेकर पुलिस के पास जाती है कि मुझे न्याय मिलेगा परंतु पुलिस द्वारा प्रार्थना पत्र लेकर उसको ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है फिर पीड़ित गणेश परिक्रमा करते-करते थक हार कर उच्च अधिकारियों का दरवाजा खट खटाने पर मजबूर हो जाता है इसी तरह मामला जनपद गोंडा के कोतवाली मनकापुर का है जहां एक गांव निवासी पीड़िता ने बताया कि हमारे गांव के ही सूरज सिंह द्वारा मेरे घर में दिनदहाड़े जबरन घुसकर मेरे साथ छेड़खानी तथा दुराचार किया काफी हल्ला गुहार मचाने पर बगल कमरे में लेटी मेरी बेटी तथा मेरी सास आई जिस पर विपक्षी गण द्वारा मौके का फायदा उठाते हुए फरार हो गए कुछ देर बाद अपने पिता को साथ लेकर आया तथा पीड़िता के साथ मारपीट की तथा कहीं शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी जिसकी शिकायत पीड़िता द्वारा स्थानीय थाना मनकापुर में दिया गया परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई जिससे आहत होकर पुलिस अधीक्षक महोदय गोंडा के समक्ष अपनी पीड़ा सुनाया है अब देखते यह है कि क्या जिले के मुखिया पुलिस अधीक्षक के आदेशों का सम्मान मनकापुर पुलिस करती है या की टालमटोल करते हुए समय व्यतीत कर देती है
