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आखिर क्यों नतमस्तक है भू माफियाओं के आगे जिला प्रशासन।

आखिर क्यों नतमस्तक है भू माफियाओं के आगे जिला प्रशासन।

गोण्डा,प्रदेश के जनपद गोण्डा में भू माफियाओं द्वारा अवैध कब्जेदारी का कार्य चरम सीमा पर फल फूल रहा है जिसकी सूचना तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों को  कई बार दी जा चुकी है लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी के कान में जूं तक नही रेंग रही है,और भू माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए, आपको बता दें कि  वर्तमान उपजिलाधिकारी विशाल कुमार की तहसील के आदेशों का पालन कोई प्रशासन नही कर रहा है कि किसी उच्चाधिकारियों या किसी मोह माया के जाल से कार्यवाही करने में पीछे हट रहे है,

क्या है पूरा मामला।

कर्नलगंज तहसील मुख्यालय से चंद कदम की दूरी पर गोंडा कर्नलगंज रोड पर पावर हाउस के बगल में गाटा संख्या 469 स जलमग्न भूमि व लोक निर्माण विभाग की सरकारी भूमि है जिस पर और कर्नलगंज बस स्टॉप से कटरा रोड पर गाटा संख्या 373 जलमग्न जमीन जो ताल हाजा के नाम से पूर्व में कागजातों में दर्ज थी जिसकी हेरा फेरी करके उसे अपने नाम करवाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसकी सूचना तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक सूचना दे दी गई है  लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई।

कैसे पता चला कि जमीन सरकारी है।

आपको बता दें कि इस जमीन पर पूर्व उपजिलाधिकारी हीरालाल द्वारा भू माफियाओं के ऊपर कार्यवाही की जा चुकी है,जिसमे कर्नलगंज बस स्टाफ से कटरा रोड पर जो गाटा संख्या 373 ताल हाजा के नाम से जमीन दर्ज है उसपर उपजिलाधिकारी हीरालाल द्वारा कार्यवाही करने के बाद भी कार्य चोरी से चलने पर एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार को कवरेज करने के दौरान गाली गलौज के बाद मार पीट पर उतारू होने पर थाने में  दिनांक 5 फरवरी 2023 को सूचना देकर मुकदमा दर्ज कराया गया था जो up cop पर देखा जा सकता है,और गोंडा लखनऊ रोड पर गाटा संख्या 469 स पर एक नही कई बार उपजिलाधिकारी द्वारा कार्य को रोकवाया गया और अंत में मुकदमा दर्ज करवाना पड़ा ,इस तरह से देखा जा सकता है कि जमीन सरकारी थी।

अब सवाल क्या है।

अब सवाल यह उठता है कि अगर जमीन सरकारी नही थी तो उपजिलाधिकारी द्वारा काम में बाधा क्यों डाला गया और अगर जमीन पर मालिकाना हक जमीदारों का है तो कार्य में बाधा डालने के नाम पर  उपजिलाधिकारी हीरा लाल के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए,और अगर सरकारी जमीन है तो तत्कालीन उपजिलाधिकारी सहित तहसील स्तर पर तैनात सभी कर्मचारी और भू माफियाओं पर कार्यवाही करनी चाहिए।

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