महेश गोस्वामी की रिपोर्ट
गोंडा/जिस शिक्षक को भगवान का रूप माना जाता है भगवान से भी बढ़कर दर्जा गुरु का होता है (कहते हैं गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए) बच्चों के अंदर शिक्षा का दीप जलाने वाला शिक्षक होता है परंतु जब शिक्षक को ही अपने उच्च अधिकारियों से बात करने की तहजीब ना हो तब वह शिक्षक क्या बच्चों को तहजीब सिखाएगामामला जनपद गोंडा के शिक्षा क्षेत्र हलधर मऊ के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेलहरी का है जहां पर प्रधानाध्यापक बाजपेई आए दिन गायब रहते हैं तथा बच्चों को पढ़ाने के लिए एक प्राइवेट शिक्षक रखे हैं जहां पर मनमानी स्कूल लगाया जाता है मनमानी छुट्टी की जाती है आज समय करीब 12:00 बजे कुछ बच्चे बस्ता लेकर विद्यालय से बाहर निकले जिस के संबंध में सहायक अध्यापक विवेक कुमार पांडे से बात की गई तो पांडे जी ने बहुत ही अभद्र लहजे में कहा की मैं किसी को नहीं जानता हूं चाहे प्रधानमंत्री हो इस संबंध में जब जरिए दूरभाष खंड शिक्षा अधिकारी हलधर मऊ से सहायक अध्यापक की वार्ता कराई गई तो उक्त अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी से बड़े ही अजीब ढंग से बात किया बताया कि तुम कौन हो मैं तुमको नहीं जानता अब सवाल यह उठता है कि जब उक्त अध्यापक अपने अधिकारी से इस लहजे से बात करता है तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अभिभावक तथा बच्चों से कैसे बात करता होगा और कैसे शिक्षा के नियमों का पालन करता होगा जब 9:00 बजे विद्यालय खोल कर 12:00 बजे बच्चों को छुट्टी कर दिया जाता है जिस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जब इस तरह की इसकी वार्ता है तो इसको नोटिस दी जाएगी
