महेश गोस्वामी की रिपोर्ट 9839412404
पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरे देश में महा आंदोलन कर रहे अटेवा द्वारा 21 नवंबर को राजधानी लखनऊ में एक महारैली का आयोजन किया गया है जिसमें पूरे प्रदेश से लाखों शिक्षक कर्मचारी एकजुट होकर पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण के खिलाफ आवाज उठाएंगे। अटेवा के जिला अध्यक्ष अमर यादव ने बताया कि पुरानी पेंशन शिक्षकों कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा है और उनके बुढ़ापे का सहारा है। सदन में बैठे नेता खुद तो चार चार पेंशन ले रहे हैं लेकिन शिक्षक कर्मचारी एक पेंशन का हकदार नहीं हैं। 21 नवम्बर को लखनऊ के इको गार्डन मे होने वाली पेंशन शंखनाद महारैली मे गोंडा जिले से लगभग हजारों शिक्षक कर्मचारी इस शामिल होंगे और अपनी हुंकार भरेगे। जिला महामंत्री कृष्ण गोपाल दूरबार ने सभी शिक्षकों कर्मचारियों से एकजुट होकर इस महारैली मे शामिल होने का आह्वान करते हुए कहा कि आज लगभग सभी राजनीतिक दल पुरानी पेंशन बहाली की बात कर रहे हैं क्योंकि अब यह राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। महारैली में गोंडा जिले से बड़ी संख्या जुटाने के लिए रणनीति तैयार कर ली गई है और सभी शिक्षकों कर्मचारियों ने एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली एवं निजीकरण बंद कराने के लिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन गोंडा के अध्यक्ष सालिकराम त्रिपाठी व सुधीर शुक्ला ने कहा कि निजीकरण अभिशाप हैं। देश की सरकारी संस्थाओं को जिस प्रकार से निजी हाथों में सौंपा जा रहा है उसका भविष्य में बहुत ही घातक परिणाम होगा। गोंडा मे लगभग सभी विभागों के कर्मचारियों ने इस महारैली को अपना समर्थन दिया है और गोंडा जिले से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे। अटेवा जिला कोषाध्यक्ष संदीप मौर्या ने बताया कि लेखपाल संघ, सफाई कर्मचारी संघ,स्वास्थ्य विभाग, रोडवेज संघ, पीडब्ल्यूडी संघ, विघुत विभाग, रेलवे सहित लगभग दर्जनों विभागों के कर्मचारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है। महारैली में पूरे प्रदेश से लाखों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी अपनी हुंकार भरेंगे।