महेश गोस्वामी की रिपोर्ट
(एआरटीओ गोंडा बबिता वर्मा की निजी गाड़ी पर हूटर व हाई बीमलाइट के साथ नेम प्लेट लगी झांसी आरटीओ में पंजीकृत अजय वर्मा की गाड़ी गोण्डा की सड़कों पर भर रही फर्राटे)#हूटर व हाई बीम लाइट के साथ नेम प्लेट लगी अजय वर्मा की गाड़ी गोण्डा की सड़कों पर फर्राटे भरते हुए उच्च न्यायालय व योगी सरकार के वीआईपी कल्चर खत्म करने के दिशा निर्देशों की उड़ा रही धज्जियां,गाड़ी के मालिकाना दबदबा से बौने नजर आ रहे मंडलीय/जिले के बड़े अधिकारी। एआरटीओ बबिता वर्मा ट्राफिक के नियमों की उड़ा रही धज्जियां# गोण्डा ।। उत्तरप्रदेश में सत्तासीन योगी सरकार उच्च न्यायालय के साथ ही मोदी सरकार के द्वारा पूर्व में दिए गए दिशा निर्देशों के क्रम में प्रदेश से वीआईपी कल्चर खत्म कर देने की दावे कर रही है, जिसके क्रम में विगत वर्षों में नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों से हूटर, फ्लैशलाइट के साथ नेम प्लेट अभियान चलाकर हटवाने का कार्य किया गया था जिससे जनता के बीच जाकर कोई भी अपने आपको बीआईपी बनने का रौब न गांठ सके। वहीं देवीपाटन मंडल मुख्यालय गोण्डा पर यूपी 93 बीडी 0080 झांसी आरटीओ में पंजीकृत अजय वर्मा के नाम की गाड़ी हूटर/सायरन व बीम लाइट के साथ बड़े बड़े अक्षरों में नेम प्लेट लगाकर उच्च न्यायालय व शासन के दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए लोगों में रौब जमाने के लिए मुख्यालय से लेकर गोण्डा़ की सड़कों पर फर्राटे भरती नजर आ रही है।गाड़ी मालिकाना का दबदबा इतना है कि मंडल मुख्यालय / जिले के बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारी उसके सामने बौने नजर आते हुए गाड़ी व गाड़ी मालिकाना हक जताने वालों पर पर कार्रवाई करने से बचते हुए अनदेखी करते नजर आ रहे हैं । *मालूम हो कि सत्ता में आते ही नरेंद्र मोदी सरकार ने वीआईपी कल्चर समाप्त करने की बातें कही थी* --वर्ष 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई तो वीआईपी कल्चर को खत्म करने की बड़ी-बड़ी बातें हुई साथ ही इससे आम जनमानस को होने वाली समस्याओं को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया कि कुछ विशिष्ट लोगों को छोड़ बाकी लोगों की गाड़ियों में वीआईपी कल्चर समाप्त करने के लिए हूटर, फ्लैश लाइट व नेम प्लेट नहीं लगाया जाएगा। जिसके लिए एक अभियान चलाकर पूरे देश में नेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों से यह हटवाने का कार्य विगत वर्षों में किया भी गया था। लेकिन अब भी गोंडा जनपद में यूपी 93 बी डी 0080 नंबर की झांसी आरटीओ में पंजीकृत अजय वर्मा की गाड़ी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के आंखों से ओझल होती सी प्रतीत हो रही है जिससे योगी सरकार की साख पर बट्टा सा लगता नजर आ रहा है। *पद व रसूख के चलते अजय वर्मा की गाड़ी पर अधिकारी नहीं डाल रहे हाथ* --गांवों में कहावत है कि " एक तो बाघ, ऊपर से बंदूक बांधे " जी हां यही कहावत योगी सरकार में मोदी सरकार व उच्च न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे वीआईपी कल्चर का रौब गाठने वाले अजय वर्मा के गाड़ी मालिकाना का है। जिस पर हूटर व हाई बीम लाइट के साथ बड़े बड़े अक्षरों में नेम प्लेट लगा हुआ है जिसे मंडलीय व जनपदीय शीर्ष अधिकारी भी देखकर अनदेखा करते हुए उक्त गाड़ी व गाड़ी मलिकाना पर हाथ डालने से कन्नी काट रहे हैं।*जाने कौन है वीआईपी कल्चर का रौब गाठने वाली मालिकाना*-- योगी सरकार की साख पर बट्टा लगाने वाली अधिकारी ARTO बबिता वर्मा हूटर व हाई बीम लाइट के साथ मोटे मोटे अक्षरों में नेम प्लेट लगाकर गाड़ी में बैठकर मंडल मुख्यालय से लेकर गोंडा जनपद की सड़कों पर फर्राटे भरने वाली मालिकाना कोई और नहीं एआरटीओ प्रशासन गोण्डा बबिता वर्मा हैं। जिन्हें सरकार ने जनपद में यातायात नियमों का पाठ पढ़ाने व विभागीय प्रशासनिक कार्यों को करने के साथ मोटर यान अधिनियम के अन्तर्गत अनाधिकृत रूप से चल रहे वाहनों पर कार्रवाई करने की भी जिम्मेदारी दी है। अब सवाल यह उठता है कि जो खुद उच्च न्यायालय व शासन के दिशा निर्देशों की धज्जियां उड़ाने की हिम्मत रखता हो उसके कार्यकाल में संबंधित विभाग जिसका उत्तरदायित्व उसी का हो उसमें व्याप्त भ्रष्टाचार कितने चरम पर हो सकता है यह अपने आप में एक यक्ष प्रश्न है।जो आम जनमानस को सोचने व विचार करने पर मजबूर कर देता है । देखना यह है कि मंडल मुख्यालय पर बैठे मण्डलीय / जिले के कुछ बड़े अधिकारी इनके निरंकुश कार्यशैली को कब संज्ञान में लेकर इन पर व इनके गाड़ी पर कार्रवाई करते हैं ।
