गोण्डा। सदर तहसील के उसरैना ग्राम पंचायत में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि विभागीय लापरवाही ही नहीं, बल्कि लेखपाल की कथित मिलीभगत के चलते सरकारी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, उसरैना भगवती पुरवा निवासी राम जग ने 30 अप्रैल को ग्राम समाज की भूमि पर मकान का निर्माण शुरू कर दिया। इस संबंध में स्थानीय लोगों ने उसी दिन शाम करीब 3 बजे हल्का लेखपाल शैलेन्द्र मिश्रा को मोबाइल के माध्यम से सूचना दी। लेखपाल ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर जाकर निर्माण कार्य रुकवा दिया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही रही।ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह तक निर्माण कार्य लगातार जारी रहा और लेखपाल को करीब 25 बार फोन कर अवगत कराया गया, बावजूद इसके उन्होंने मौके पर जाकर निर्माण रुकवाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है और वे इसे सीधी मिलीभगत का मामला मान रहे हैं। प्रदेश सरकार जहां भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बुलडोजर कार्रवाई कर रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर अधिकारी-कर्मचारियों की उदासीनता शासन की मंशा पर सवाल खड़े कर रही है।अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर ग्राम समाज की जमीन पर खुलेआम हो रहे इस अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या संबंधित लेखपाल और कब्जाधारी के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर मामला यूं ही दबा दिया जाएगा? ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
