गोण्डा 7 अक्टूबर 2025: प्राचीन धार्मिक परंपराओं को जीवंत करने का एक अनुपम प्रयास करते हुए, तहसील के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित आदि काव्य 'बाल्मीकि रामायण' का अखंड पाठ का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम राम जन्मभूमि आंदोलन की प्रेरणा से प्रेरित होकर स्थानीय राम भक्त मंडल द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जो भगवान राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।मंदिर परिसर में सुबह 6 बजे से आरंभ हुए पाठ में वेदपाठियों की टोली ने संस्कृत में रामायण के सात कांडों का गुणनाद किया। मुख्य यजमान पंडित रामेश्वर दास ने बताया, "यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि सामाजिक सद्भाव को मजबूत करेगा। रामायण के पाठ से वर्तमान युग की समस्याओं का समाधान मिलता है।" मंदिर के पुजारी महंत सुरेश दास के अनुसार, हनुमानगढ़ी मंदिर, जो हनुमान जी की कृपा से रक्षित है, अयोध्या के समकक्ष महत्व रखता है। यहां की 76 सीढ़ियां चढ़कर दर्शन करने वाले भक्तों के लिए यह पाठ विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
