रुपईडीह (गोंडा) जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश सरकार गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशु को विभिन्न प्रोडक्ट के रूप में बाल पुष्टाहार समस्त जनपदों में समय-समय पर वितरण एवं देखरेख हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ती को चयनित किया जिससे समयानुसार बाल पुष्टाहार वितरण कर गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशु स्वस्थ रहें, वहीं दूसरी तरफ जनपद गोंडा के विकासखंड रूपईडीह क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत उसरैना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ती द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को बाल पुष्टाहार 6 माह एवं 1 वर्षीय तक वितरण नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों की महिलाओं ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पर बाल पुष्टाहार वितरण न करने पर आरोप लगाते हुए जनपद के उच्च अधिकारियों से जांच एवं उचित कार्यवाही और वितरण नहीं करने की दृष्टिगत शिकायती पत्र देकर वितरण करने की मांग की। वहीं दूसरी तरफ आंगनवाड़ी कार्यकत्री के सुपरवाइजर ने जांच करने का आश्वासन दिया, सुपरवाइजर ने अपने आश्वासन को ताक पर रखकर गर्भवती महिलाओं को खुले आम टाल मटोल करके गुमराह करने हेतु व्यापक स्तर पर दिखे माहिर, सुपरवाइजर ने अपने ही आदेशों का कतई नहीं रहा कोई खौंफ। जनपद गोंडा क्षेत्र के अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ती गर्भवती महिलाओं के बाल पुष्टाहार समय अनुसार ना वितरण करने एवं धांधली और गमन करके डकारने में व्यापक स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री दिख रही माहिर। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने शासन आदेश एवं जनपद के जिला अधिकारी के आदेश को ताख पर रखकर वितरण करने में धांधली कर जमकर मंसूबों पर लगा रही पलीता, आंगनबाड़ी कार्यकत्री को जनपद के जिलाधिकारी के आदेशों का कतई नहीं रहा कोई खौफ। अब यह देखना है कि उपरोक्त मामले में उच्च अधिकारी द्वारा क्या निर्णय लिया जाता है कि ऐसे ही मामले को ठंडा बस्ते में बंद किया जाएगा क्या
