गोंडा, किसान अनाज पैदा करता है लेकिन कृषि वानिकी से दूर है, कारण यहां पेड़ों का बाजार नहीं है, गन्ना नकदी फसल उगा लेता है कृषि वानिकी से वृक्ष लगाकर लाभ नहीं कमा पा रहा है, इसी कमी को पूरा करने के लिए 19 सितंबर वृक्षउत्पादक मेला जिला पंचायत सभागार में लगने जा रहा है जहां पर प्रगतिशील किसानों के अनुभव साझा किये जाएंगे। कौन से पेड लगाने है और विपणन के लिए कौन नदद करेगा। इस मुददे पर चर्चा होगी। यह जानकारी आयोजन सचिव डा अनुभर्भा श्रीवास्तव, डा अनीता तोमर ने दी। समन्वयक आलोक यादव ने किसानों का आहवान किया कि ज्यादा से ज्यादा किसान मेले में शामिल होकर जानकारी ले। दस बजे पंजीकरण, 11 बजे उद्घाटन इसके बाद डा संजय सिंह का स्वागत भाषण, इसके बाद डा गीता जोशी का संबोधन होगा। इसके बाद मुख्य अतिथि राज्य मंत्री भारत सरकार कीर्तिवर्धन सिह का संबोधन होगा। इसके बाद पुस्तक विमोचन, किसानों का सम्मान, इसके बाद धन्यवाद ज्ञापित किया जाएगा। पापलर, मीलिया डुबियया, गन्हार, बास. चंदन, सहजन, सागान, यूकेलिप्टस के बारे में जानकारी दी जाएगी।
