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जनशिकायतों की समीक्षा के दौरान डिफाल्टर श्रेणी वाले विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के दिये निर्देश

जिलाधिकारी ने की सीएम डैशबोर्ड व जनशिकायतों की समीक्षा, कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाईं फटकार


जनशिकायतों की समीक्षा के दौरान डिफाल्टर श्रेणी वाले विभागों के अधिकारियों का वेतन रोकने के दिये निर्देश


3 से 5 साल पुराने वादों का बराबर सुनवाई करके प्राथमिकता पर करें निस्तारण-डीएम*

*गोण्डा 13 अगस्त, 2025*। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित राजस्व से संबंधित विभागों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने एवं उनकी रैंकिंग में सुधार लाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये हैं।

जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित कार्यों की रैंकिंग शासन स्तर पर सीधे निगरानी में रहती है, ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें और विभागीय कार्यों की सतत निगरानी करते हुए आवश्यक फीडिंग पोर्टल पर अपलोड करें।

बैठक के दौरान जनशिकायत निस्तारण प्रणाली (IGRS) की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त लंबित एवं डिफॉल्टर श्रेणी में चिन्हित शिकायतों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता जनसुनवाई एवं जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण है, लेकिन कुछ विभागों द्वारा इसमें गंभीरता नहीं बरती जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी विभाग जनशिकायतों के निस्तारण में डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं, उनके संबंधित अधिकारियों की वेतन रोकने की कार्यवाही की जाय। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी समीक्षा बैठक में भी कोई प्रगति नहीं दिखाई गई तो कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। 
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी एवं समस्त तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी लोग अपने-अपने कोर्ट पर बराबर बैठकर 3 से 5 साल पुराने वादों की बराबर सुनवाई करते हुए नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करते हुए शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने का प्रयास करें, ताकि जनविश्वास में वृद्धि हो और जिले की कार्य प्रणाली में सकारात्मक सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी महेश प्रकाश, उपजिलाधिकारी गोंडा सदर अशोक कुमार गुप्ता, कर्नलगंज यशवंत राव, तरबगंज विश्वामित्र तथा मनकापुर अवनीश त्रिपाठी, अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार, जितेंद्र कुमार गौतम, सुश्री नेहा मिश्रा, तहसीलदार सदर गोंडा मनीष कुमार तरबगंज आशुतोष शुक्ला सहित सभी संबंधित  अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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