गोंडा: जनपद के कटरा बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भगई पुरवा गांव में गुरुवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने न केवल ग्रामीणों को बल्कि प्रशासन को भी सकते में डाल दिया। गांव के ही निवासी रामअनुज यादव पुत्र पुत्ती लाल जब रोज की तरह अपने खेत की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें कुछ संदिग्ध गतिविधियाँ दिखाई दीं। सुबह लगभग 10 बजे, जैसे ही वह भगई पुरवा के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि बाग के पास कुछ लोग उन्हें देखकर तेजी से मौके से भागने लगे।
शक होने पर जब रामअनुज उस बाग में गए, तो उन्होंने जो दृश्य देखा, वह बेहद डरावना था। बाग में एक नीलगाय की लाश पड़ी थी, जिसका सिर धड़ से पूरी तरह अलग था। नीलगाय का रंग काला था और यह स्पष्ट रूप से मारी गई प्रतीत हो रही थी। मौके से थोड़ी दूरी पर दो मोटरसाइकिल भी खड़ी मिलीं — एक हीरो सुपर स्प्लेंडर (नंबर UP43 R 9735, लाल व काले रंग की) और दूसरी हीरो स्प्लेंडर प्लस (नंबर UP43 BB 2442, काले रंग की)। यह स्पष्ट संकेत था कि मौके पर कोई बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया है।
रामअनुज यादव ने तत्काल घटना की जानकारी कटरा बाजार थाना पुलिस को दी। उन्होंने तहरीर में स्पष्ट रूप से बताया कि उन्होंने स्वयं अपनी आंखों से संदिग्ध लोगों को भागते हुए देखा और बाग में जाकर निरीक्षण करने पर यह भयावह दृश्य सामने आया। तहरीर पर थाना कटरा बाजार द्वारा संज्ञान लेते हुए आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संवेदनशील मामला: वन्य जीव अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन
भारत में नीलगाय को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित पशु माना गया है। ऐसे में किसी भी नीलगाय को मारना न केवल नैतिक अपराध है, बल्कि कानूनी तौर पर भी दंडनीय है। सिर कटी हालत में नीलगाय का पाया जाना इस बात की ओर इशारा करता है कि यह पूर्व नियोजित घटना हो सकती है। पुलिस को शक है कि यह वन्य जीवों के शिकार से जुड़ा कोई बड़ा गिरोह हो सकता है।
जांच में जुटी पुलिस, मोटरसाइकिल नंबरों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही
पुलिस ने मौके से बरामद मोटरसाइकिलों को जब्त कर लिया है और उनके रजिस्ट्रेशन नंबरों के आधार पर मालिकों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। इस घटना के पीछे किन लोगों का हाथ है, क्या वे किसी शिकारी गिरोह से जुड़े हैं, और क्या इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे घटनाएं हुई हैं — इन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, वन विभाग से भी की गई कार्रवाई की मांग
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त है कि संरक्षित वन्य जीवों के साथ ऐसी बर्बरता कैसे हो सकती है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भी इस मामले में संज्ञान लेने और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रशासन का बयान
कटरा बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उन्हें तहरीर प्राप्त हुई है और मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि "हम घटना की उच्चस्तरीय जांच करा रहे हैं। आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
