गोंडा, वजीरगंज: सदाशिव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिक्षा समिति में 34 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। इस संबंध में वजीरगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में विद्यालय के पूर्व प्रबंधक शत्रोहन द्विवेदी और दो अज्ञात व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गबन और धोखाधड़ी का आरोप
राजेन्द्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार, शत्रोहन द्विवेदी विद्यालय के प्रबंधक रहते हुए गन्ने की फसल और सांसद-विधायक निधि से आए 34,33,765 रुपये का गबन कर चुके हैं। विद्यालय के बैंक खाते का संचालन करते हुए उन्होंने इन पैसों का दुरुपयोग किया। इतना ही नहीं, उन्होंने एक फर्जी शपथ पत्र दाखिल कर यह साबित करने की कोशिश की कि संस्था के पास कोई आय नहीं है, जिससे कि ऑडिट से बचा जा सके।
हमला और जान से मारने की धमकी
6 फरवरी 2025 को जब प्रार्थी न्यायालय से लौट रहे थे, तो चन्दापुर पुलिया के पास आरोपियों ने उन्हें रोका। शत्रोहन द्विवेदी के इशारे पर दो अज्ञात लोगों ने कट्टा तानकर जबरन स्टाम्प पेपर और सादे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी और प्रार्थी के पास मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज छीन लिए।
थाने में मामला दर्ज, पुलिस पर लापरवाही का आरोप
घटना की सूचना तुरंत वजीरगंज थाने में दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में जब पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई, तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आखिरकार, न्यायालय के आदेश पर 27 मार्च 2025 को एफआईआर दर्ज की गई।
अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना वजीरगंज को उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
