जहां एक तरफ जिंदगी को निरोगी तथा स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार द्वारा तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं गांव गांव सामुदायिक शौचालय स्वच्छ पेयजल हेतु नए-नए कार्यक्रम करवाती है तथा इंडिया मार्का हैंड पंप पानी टंकी आदि जैसे स्वच्छ पेयजल की सुगम व्यवस्था बनाने के लिए करोड़ों रुपए पानी की तरह बहा रही है वही गांव के मुखिया जिम्मेदार ग्राम प्रधान द्वारा इस योजना को आड़े हाथों लेते हुए अपनी जेब भरने से बाज नहीं आ रहे हैं बताते चलें मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के विकासखंड मिहींपुरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत गिरगिट्टी का है जहां पर देखने को मिला की नेशनल हाईवे के ठीक बगल मजरे लोधन पुरवा में लोग स्वच्छ पानी पीने के लिए तरस रहे हैं गांव में लगा इंडिया मार्का हैंड पंप जो कि एकदम चलने लायक नहीं है हत्था कामना करने से बच्चे सरिया लगा कर के किसी तरह काम चला रहे हैं ग्राम प्रधान द्वारा बताया गया की 18 इंडिया मार्का हैंड पंप रिबोर बोर कार्य करवाया गया है परंतु मौके पर एक भी इंडिया मार्का हैंड पंप का पानी पीने योग्य नहीं है अधिकांश नल में तो पानी भी नहीं मिले जब इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारी शाहिद अली से बात हुई उन्होंने बताया कि नल बना था बाढ़ आया बह गया अब सवाल यह उठता है कि अगर बाढ़ में इंडिया मार्का हैंडपंप बह जाता है तो बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लोग का जीवन किस तरह चलता है क्या इस वाली निशान पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर जाएगी या कि जिला प्रशासन द्वारा इसको भी ठंडे बस्ते में डालते हुए इतिश्री कर दी जाएगी जब ग्रामीणों से पूछा गया उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान से कई बार रिबोर के लिए बात हुई उन्होंने बताया कि मेरी मर्जी होगी मैं करूंगा पानी पियो चाहे भाड़ जाओ तथा सामुदायिक शौचालय के बारे में जब आवंटित महिला पंछी देवी से बात हुई तो उक्त महिला को अपने समूह का नाम भी पता नहीं था बताया की दो बार मानदेय 18000,18000 मिला हमने समूह के किसी भी सदस्य को सामिल नही किए
