महेश गोस्वामी मृदुल की रिपोर्ट
रूपईडीहा/ बहराइच। मंगलवार को मानव तस्करी रोधी इकाई 42 वी वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा कमांडेंट तपन कुमार दास के निर्देशन में सीमावर्ती ग्रामीण लोगों व विद्यार्थियों को मानव तस्करी व उसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए सीमांत इंटर कॉलेज रूपईडीहा में मानव तस्करी रोकथाम,सुरक्षा,पुनर्वास अभियान आयोजित किया गया । उक्त अभियान में सहायक कमांडेंट अनिल यादव कंपनी कमांडर रूपईडीहा,एएचटीयू 42 वी वाहिनी के निरीक्षक आरिफ़ खान,सहायक उप निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार,आरक्षी महिला प्रतिभा व पपिया हल्दर तथा देहात संस्था के हसन फिरोज व मानव सेवा संस्था के प्रतिनिधि शामिल हुए । इस अभियान में एएचटीयू 42 वी वाहिनी द्वारा ग्रामीण लोगों व विद्यार्थियों को टीवी पर संक्षिप्त फिल्म दिखाकर मानव तस्करी व उसके खतरों के बारे में जागरूक किया गया । सहायक कमांडेंट अनिल यादव व एएचटीयू के निरीक्षक आरिफ़ खान ने बताया कि वर्तमान समय में मानव तस्करी विश्व का तीसरा सबसे बड़ा अपराध की श्रेणी में आता है, मानव तस्कर महिलाओं व बच्चों को अधिकतर अपना शिकार बनाते हैं, लोगों ( विशेष रूप से महिलाओं व बच्चों) को विवाह, नौकरी, अच्छा जीवन इत्यादि का लालच देकर किसी अनैतिक कार्य में लिप्त कर देते हैं, अतः इस प्रकार के घिनौने अपराध के रोकथाम के लिए सभी लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है ।
