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विश्व हृदय दिवस वाराणसी


महेश गोस्वामी मृदुल की रिपोर्ट
वाराणसी स्थित आलोक हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रशांत पाण्डेय ने जनहित जागरण के माध्यम से ह्रदयदिवस के बारे में जानता को  दिए अपने विचार जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हृदय यानी कि दिल जो वास्तव में बहुत खूबसूरत होता है, यह हमारे शरीर का सबसे अहम हिस्सा,महत्वपूर्ण अंग है । अगर ये सही है तो आपके चेहरे पर मुस्कान हमेशा बनी रहेगी। हृदय के प्रति जागरूकता पैदा करने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचने के लिए दुनियाभर में हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस के रूप में मनाया जाता है।आज हार्ट पेशेंट उम्र दराज लोग ही नहीं बल्कि कम उम्र के बच्चे भी हो जाते हैं। विश्व हृदय दिवस मनाने की शुरूआत सन 2000 में की गई थी। दिल की यह बीमारी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकती है, इसके लिए कोई निर्धारित उम्र नहीं होती। महिलाओं में हृदय रोग की संभावनाएं ज्यादा होती हैं, बावजूद इसके वे इस बीमारी के जोखिमों को नजरअंदाज कर देती हैं।उद्देश्य : विश्व हृदय दिवस का उद्देश्य पूरे विश्व के लोगों में हृदय से संबंधित होने वाले रोगों, उनके प्रमुख कारण,परिणाम व उनके रोकथाम के लिए जागरूक बनाना है। आज विश्व में हृदय रोग से होने वाली मृत्यु की दर सबसे अधिक है। ह्रदय किसे कहते हैं -हृदय एक पेशी अंग है, जो कि जो हमारे परिसंचरण तंत्र के केंद्र में होता है। इस प्रणाली में कोशिका, शिराओं और धमनियों का एक नेटवर्क होता हैं। यहाँ से रक्त वाहिकाएं, हमारे शरीर के सभी भागों में रक्त को लेकर जाती हैं। इस प्रकार यह शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है। हृदय रोग, हृदय एवं रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाले रोग विकारों का समूह है, जो कि फेफड़े, मस्तिष्क, गुर्दे और शरीर के अन्य भागों में रक्त की आपूर्ति को बाधित करता है। ह्रदय के रोगों के प्रकार : हृदयाघात, रुमेटिक हार्ट डिजीज, जन्मजात खराबियां, हार्ट फेल्योर, पेरिकार्डियल इफ्यूसन,DCMP | हृदय रोग के प्रमुख कारण: उच्च रक्तचाप (उच्च रक्तचाप), उच्च रक्त शर्करा (मधुमेह), उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब का सेवन करना, परिवार के सदस्यों में हृदय सम्बन्धित  रोग का इतिहास अत्यधिक मोटा होना या मोटापे से पीड़ित होना, उच्च वसा युक्त भोजन का सेवन, तनाव, व्यायाम की कमी। हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सुझाव:- कम वसा एवं उच्च रेशा युक्त आहार जैसे कि साबुत अनाजों और फलों तथा सब्जियों का सेवन करें। पैक्ड या प्रसंस्कृत आहार जैसे कि डिब्बाबंद, जमे हुए खाद्य पदार्थों और/या तैयार आहार का सेवन करने से बचें। तंबाकू व धूम्रपान का सेवन करने से बचें। यदि आपका वज़न ज़्यादा हैं, तो अपने शरीर की वसा को कम करें। प्रतिदिन कम से कम तीस मिनट व्यायाम अवश्य करें। नमक का सेवन कम करें। योग, ध्यान एवं अन्य मनोरंजक गतिविधियों द्वारा तनाव को कम करें। अपने वज़न, ब्लड प्रेशर, ग्लूकोज और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखें। अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने अवश्य जाएँ।डॉ प्रशान्त कुमारMD, FIPC,CCDजनरल फिजिशियन एवँ परामर्श चिकित्सक

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