भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह
भारतीय जन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजमोहन सिंह आज एक बार फिर जनआंदोलन की आवाज़ बनकर सामने आए हैं। सादगी, संघर्ष और सिद्धांतों की राजनीति को अपना ध्येय मानने वाले बृजमोहन सिंह का चुनाव चिन्ह “बांसुरी” केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि आमजन की पीड़ा, उम्मीद और हक़ की आवाज़ है।
बांसुरी भारतीय संस्कृति में लोकभावना, संघर्ष और संदेश का माध्यम रही है। यही कारण है कि यह चुनाव चिन्ह सीधे-सीधे जनता से संवाद करता है। जैसे बांसुरी बिना शब्दों के भी मन की बात कह देती है, वैसे ही बृजमोहन सिंह की राजनीति बिना शोर-शराबे के ज़मीनी मुद्दों को उठाती है।
बृजमोहन सिंह को एक संघर्षशील नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने हमेशा वंचित, शोषित और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज़ को मजबूती दी है। सत्ता के दिखावे से दूर रहकर उन्होंने संगठन को गांव-गांव, गली-गली तक पहुंचाने का कार्य किया। उनकी साफ़ छवि, स्पष्ट विचारधारा और जनसेवा की प्रतिबद्धता उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करती है।
आज जब चुनावी मैदान में बांसुरी का स्वर गूंज रहा है, तो यह संकेत है कि जनता बदलाव चाहती है—ऐसा बदलाव जो दिखावे का नहीं, बल्कि संघर्ष और ईमानदारी से निकला हो। बृजमोहन सिंह का नेतृत्व उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो वर्षों से सच्ची प्रतिनिधित्व की तलाश में हैं।
बांसुरी बजेगी, जनआवाज़ उठेगी —
संघर्ष जीतेगा, जनता जीतेगी।
