ने कहा अंडर पास गेट नंबर तीन
पूरी तरह सेफ।
खाता न बही जो रेलवे स्थानीय प्रशासन कहे वही सही।
संतोष कुमार शुक्ल की खास रिपोर्ट।
मनकापुर गोंडा.पूर्वोत्तर रेलवे छेत्र अन्तर्गत मनकापुर जंक्शन से अयोध्या धाम को जोड़ने वाली लाइन पर बने गेट नंबर तीन अंडर पास के गलत सिस्टम बिषय पर जूनियर इंजिनियर ने कहा कि हम पूरी तरह सेफ पोजीशन में हैं।कोई भी इन दरारों के जरिए नुकसान नहीं होगा।उन्होनें कहा कि जैसे छतों के घरों में हेयर क्रेक आ जाता है।उसी तरह इन बाक्स में हेयर क्रेक पाया जाता है।जब तक सरिया नहीं दिखता तब तक हम सेफ हैं।चलिए सब ठीक है।खाता न बही जो जिम्मेदार कहें वही सही।ईश्वर न करें कि इन हियेर क्रेक के जरिये बहुत बड़ी समस्या न उत्पन्न हो.जो आने वाला समय ही तय कर सकता है।सवाल अब यह उठता है.हेयर क्रेक होते हुए भी. जब बाक्स खड़े हो रहे थे रेलवे ट्रेक रोकने के लिए तो इन बाक्स को आपस मे समांतर स्थित में क्यों नहीं खड़ा किया गया.किस इंजिनियर के दिमाग से ऐसी स्थित में बाक्स खड़े किए गये?जिनकी गैपिगं ऊपर से लेकर नीचे तक कहीं. कहीं एक से आधे फिट का अंतर विराजमान है।वहीं इस अंडर पास मे पानी को सोखने
वाले कूप पर नजर डाली जाए तो ऐसी इंजिनियर बुद्धी लगी कि इस अंडर पास का एक बूंद पानी बने कूप .सोखते में आज तक नहीं पहुंच सका.जिसे हास्य प्रद के शिवा और कुछ नहीं कहा जा सकता।बहरहाल सेक्शन इंजिनियर रेलवे मनकापुर ने बताया कि हमारा रेलवे अंडर पास पूरी तरह सेफ है।जिस पर ट्रेन का आवागमन सुरक्षित है थोड़ा से हेयर क्रेक बाक्सो का कोई मतलब नही।इन समस्याओ पर कहां तक सेक्शन इंजिनियर की बातें सटीक बैठती हैं।जो भविष्य के गर्व में छुपी हैं । शेष अगले अंक में
