गोंडा (उत्तर प्रदेश)। थाना कटरा बाजार पुलिस की मिशन शक्ति टीम ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए भटके हुए एक मासूम बालक को उसके परिजनों से मिलाकर सराहनीय कार्य किया है। यह घटना नए साल की शुरुआत में पुलिस की मानवीय छवि को और मजबूत करने वाली साबित हुई।घटना 31 दिसंबर 2025 की है, जब कस्बा कटरा बाजार में गश्त कर रही मिशन शक्ति टीम की नजर लगभग 12 वर्षीय बालक पर पड़ी, जो अकेला रोते हुए घूम रहा था। टीम ने तुरंत बालक से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना नाम राज बताया तथा माता-पिता का नाम भी बताया, लेकिन अपना पता बताने में असमर्थ रहा। संभवतः डर या भटकाव के कारण वह सही जानकारी नहीं दे पाया।मिशन शक्ति टीम ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बालक को थाने लाकर सुरक्षित रखा। बालक की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसकी फोटो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की गई, ताकि जल्द से जल्द उसके परिजनों तक सूचना पहुंच सके। इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह हुआ कि सूचना मिलते ही बालक के परिजन थाने पहुंचे और उन्होंने बच्चे की पहचान की।पुलिस ने सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच और पहचान की पुष्टि करने के बाद 1 जनवरी 2026 को बालक को नियमानुसार उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई की दिल से सराहना की और भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता से उनका बच्चा सुरक्षित वापस मिला, अन्यथा नए साल की शुरुआत ही दुखद हो जाती।इस सराहनीय कार्य में मुख्य भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों में अ0प्र0नि0 रमाशंकर राय, उ0नि0 मुकेश मणि त्रिपाठी, आरक्षी रामसिंह, आरक्षी अनिल कुमार पाल तथा महिला आरक्षी अनीता बाजपेई शामिल हैं। मिशन शक्ति जैसी पहलों से पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में सक्रिय है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि खाकी वर्दी में मानवता अभी भी जीवित है।
