उप जिलाधिकारी करनैलगंज ने थाना दिवस में शिकायती पत्र लेने से किया इनकार
कर्नलगंज/फरियादियों का फरियाद निस्तारण करने के लिए जनता दर्शन, तहसील दिवस, तथा थाना दिवस जैसे सरकार द्वारा दिन निर्धारित किया गया है कि किसी भी पीड़ित को दर-दर भटकना न पड़े संबंधित अधिकारी तक पीड़ित अपना पीड़ा पहुंचा सके परंतु यहां तो केवल खाना पूर्ति किया जा रहा है मामला जनपद गोंडा के कोतवाली कर्नलगंज का है जहां ग्राम पंचायत धमसड़ा निवासी नंद प्रकाश ने एक शिकायती पत्र थाना दिवस के माध्यम से उप जिलाधिकारी महोदय कर्नलगंज को दिया कि विपक्षियों द्वारा हमारी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा कर रहे हैं तथा मना करने पर जाति सूचक गाली गलौज करते हुए मारने पीटने को दौड़ते हैं तथा यह भी बताया की पूर्व में उक्त आबादी के भूमि पर काफी दिनों से पीड़ित का कब्जा है वहां अपना जानवर बांधता था तथा खलिहान लगता था उक्त भूमि पर दूसरे गांव मीनापुर निवासी पोते पुत्र यूनुस तथा पप्पू पुत्र इलियास द्वारा जबरदस्ती प्रार्थी के सहन दरवाजे की भूमि पर कब्जा कर रहे हैं तथा मना करने पर गाली गलौज तथा प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार के महिलाओं को जाति सूचक शब्दों से गालियां देते हैं तथा मारने पीटने को दौड़ाते है उक्त शिकायती पत्र लेकर जब पीड़ित समाधान दिवस में उपस्थित उप जिलाधिकारी कर्नलगंज को दिया तो जिलाधिकारी महोदय ने पीड़ित को प्रार्थना पत्र वापस थमाते हुए वापस कर दिया की तुम्हारा यहां कुछ नही होगा
अब सवाल यह उठता है कि जब सरकार द्वारा चलाए जा रहे जनता दर्शन में पीड़ित की शिकायत नहीं सुनी जाएगी तो आखिर कब सुनी जाएगी समाधान दिवस में पीड़ितों को आशा रहती है कि समाधान दिवस पर सभी अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहते है न्याय मिलेगा परंतु वहां भी मायूसी हाथ लगी तो कैसे न्याय मिलेगा
