जर्जर भवन में चल रहा है उप डाकघर कटरा बाजार
कटरा बाजार कभी एक समय था की देश विदेश का हाल खबर देता था तथा डाकघर पर बहुत बड़ा जिम्मेदाराना बोझ होता था परंतु दूरभाष संचालन होने के कारण थोडी जिम्मेदारी वार्ता अनुसार तो कम हुई परंतु लेनदेन तथा डाक पत्री की जिम्मेदारी बढ़ गई वही उप डाकघर कटरा बाजार का भवन अब जिम्मेदारी संभालने के कगार पर नहीं है बरसात आते ही छत टपकने लगती है
डाकघर के पास अपना निजी भवन न होने के कारण दुर्दशा का शिकार बना हुआ है आजादी से अब तक किराए के बिल्डिंग में डाकखाने का संचालन हो रहा है इसके संबंध में जब पोस्ट मास्टर कटरा बाजार भुवनेश कुशवाहा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया की बरसात आते ही डाक कर्मियों का हाथ पैर फूलने लगता है की जर्जर भवन में संचालन होता है बचत खाता भी खुलते हैं आरडी एफबी भी बनाई जाती है परंतु सबसे बड़ी चिंता की विषय है की बरसात आते ही छत टपकने लगती है तथा अभिलेख को बचाने के लिए डाक कर्मियों के हाथ पैर फूलने लगते हैं जिसकी जानकारी मकान मालिक को भी दी गई तथा विभागीय अधिकारी को कई बार अवगत कराया गया परंतु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिससे डाक कर्मी तथा डाक अभिलेख बरसात के मौसम में सुरक्षित नहीं है
