*कलम बंद हड़ताल का दिखा असर,सूना रहा बेंच,नहीं हुआ पुकार*
गोण्डा-- ग्राम न्यायालय के स्थापना को लेकर संयुक्त बार एसोसिएशन द्वारा किए गए आंदोलन के दौरान तत्कालीन कोतवाल आलोक कुमार राव द्वारा अपने एक आरक्षी को आगे लाकर आधा दर्जन से अधिक अधिवक्ताओं पर फर्जी दर्ज करा था प्रथम सूचना रिपोर्ट। जिसमें शुरू से ही अधिवक्ता संघ उच्च अधिकारियों से मिलकर मामले को समाप्त कराने की बात कह रहा था और संबंधित कुछ अधिकारियों ने मामले को समाप्त करने का आश्वासन भी दिया था लेकिन विगत दिनों दर्ज मुकदमे के आरोपी अधिवक्ताओं के विरुद्ध विवेचना रिपोर्ट आने के बाद अधिवक्ता और आक्रोशित हो गए । जिला बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं समेत अध्यक्ष उपेंद्र कुमार मिश्रा, महाराज कुमार श्रीवास्तव महामंत्री संतोष पांडे व जगन्नाथ प्रसाद के साथ ही सैकड़ों-हजारों अधिवक्ताओं का हुजूम कलम बंद बेमियादी हड़ताल की घोषणा करते हुए पूरे परिसर में घूम घूम कर खूब लगाए जिला प्रशासन मुर्दाबाद के नारे साथ ही यह भी कहा कि जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती हम और हमारा अधिवक्ता संघ शांत बैठने वाला नहीं साथ ही अधिवक्ता संघ ने यह भी कहा कि इस बीच जो भी अधिवक्ता किसी भी मामले की पैरवी करता , रजिस्ट्री दफ्तर में बैनामा व नोटरी करता हुआ पाया गया उसके विरुद्ध संघ करेगा दंडात्मक कार्यवाही दो अधिवक्ताओं ने किसी मामले में अदालत पर पैरवी करना शुरू कर दिया जिसकी सूचना मिलते ही अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने उनके विरुद्ध तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की ।
इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एक पूर्व डीजीसी सरकारी अधिवक्ता के साथ ही अधिवक्ता महबूब अली ने दोनों बार के अध्यक्षों से हुई भूल के प्रति क्षमा मांगते हुए मामले को समाप्त करने की याचना की और तब अधिवक्ताओं का हुआ गुस्सा शांत बताते चलें कि अधिवक्ता संघ ने खुली चुनौती दी है नगर प्रशासन को कहा जब तक मामला समाप्त नहीं होगा अधिवक्ताओं का आंदोलन चलता रहेगा साथ ही यदि कोई अधिवक्ता कार्य करता पाया गया तो उसके विरूद्ध संघ द्वारा की जाएगी दंडात्मक कार्यवाही
