चिकित्सा अधीक्षक की चुप्पी से उठे भ्रष्टाचार के आरोप
31 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश के गोण्डा जनपद के कटरा बाजार में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गए हैं। विगत दिनों एक प्रमुख दैनिक समाचार पत्र में विकास पॉली क्लिनिक और लखनऊ ज्योति हॉस्पिटल की अनियमितताओं को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इस रिपोर्ट में अस्पतालों में मरीजों से अवैध वसूली, अस्वच्छता, नकली दवाओं का उपयोग और चिकित्सा मानकों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। खबर के अनुसार, इन अस्पतालों में कई मरीजों की जान जोखिम में डाली गई है, और स्थानीय निवासियों ने कई शिकायतें दर्ज कराई हैं।यह खबर लगभग एक सप्ताह पहले छपी थी, और इसकी सूचना सीधे चिकित्सा अधीक्षक इंदू राणा को दी गई थी। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जब पूछा गया, तो उन्होंने मामले की जांच की बात कही, लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई। इस चुप्पी ने शहरवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि क्या यहां हिस्सेदारी या रिश्तेदारी का खेल चल रहा है? क्या अस्पताल मालिकों और अधिकारियों के बीच कोई गठजोड़ है, जो जांच को प्रभावित कर रहा है?विकास पॉली क्लिनिक, जो शहर के व्यस्त इलाके में स्थित है, पर पहले भी कई बार शिकायतें आ चुकी हैं। रिपोर्ट में उल्लेख है कि यहां के डॉक्टर बिना लाइसेंस के प्रैक्टिस कर रहे हैं, और आपातकालीन सुविधाएं नाममात्र की हैं। इसी तरह, लखनऊ ज्योति हॉस्पिटल में मरीजों से अतिरिक्त शुल्क वसूलने के मामले सामने आए है ।"स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तत्काल जांच और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन इंदू राणा की ओर से कोई बयान नहीं आया है। क्या यह लापरवाही है या जानबूझकर की गई अनदेखी? सूबे के मुखिया अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा धब्बा साबित होगा।
